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#❤️अस्सलामु अलैकुम #naat Sharif 2026🕋🌹🇸🇦🕋🌹🇸🇦🌹🇸🇦
❤️अस्सलामु अलैकुम - कुरान के जरिए फाल, वज़ीफा , ताबीज़ , जादू और दुनियावी काम निकालना ٤٢١ ٤! ُميِظَع ُمْلْظَل َكُرّشَلا َّنِإ (अल्लाह के साथ किसी को साझी करना ) बड़ा जुल्म है। " "থিক (कुरान ३१:१३) कुरान के जरिए फाल निकालना ताबीज पहनना जादू करना या करवाना हराम हराम 6{ को जानकारी हासिल करना हे নানীতা পচননা হািক কী নক্ে ল তান जादू करना और जादू सीखना दोनों यहःगन ೯I  आर यह अल्लाह के सिव किसी ओर हराम हे। वाला काम से मदद मांगना हे। (1 6:59) (मिश्कातः ५०८८ ) (1 2:102) किसी और से मदद पैसे लेकर नौकरी , शादी आदि के लिए கபர் কী চলাল মদভানা इन सव कुरान के जरिए वज़ीफ़ा बनाना या करने वालों पर भरोसा करना मांगना हराम हराम हराम मदद सिर्फ अल्लाह से मांगो, किसी और दीन को च्यापार चनाना आर अल्लाह की जो बातें शरीयत के खिलाफ हों॰ उन्हे हलाल समझना भी गुनाह हे। से नहीं | किताब को दुनियांवी फायदे के लिए इस्तेमाल कसागलत (कुरान २:७९) (II 17.56) (gIH 10.59) इस्लाम क्या सिखाता है? डसी से दुआ करो और डसी पर भरोसा रखो। अल्लाह की इबादत सिर्फ डसी के लिए करो, यही तौहीद है और यही कामयाबी की असली राह है। ಯ e नामंजूर इस्लाम में नहीं है, बह "जिसने ऐसा काम किया जो 81" ढमारे (सहीह बुखारीः २६९७) कुरान के जरिए फाल, वज़ीफा , ताबीज़ , जादू और दुनियावी काम निकालना ٤٢١ ٤! ُميِظَع ُمْلْظَل َكُرّشَلا َّنِإ (अल्लाह के साथ किसी को साझी करना ) बड़ा जुल्म है। " "থিক (कुरान ३१:१३) कुरान के जरिए फाल निकालना ताबीज पहनना जादू करना या करवाना हराम हराम 6{ को जानकारी हासिल करना हे নানীতা পচননা হািক কী নক্ে ল তান जादू करना और जादू सीखना दोनों यहःगन ೯I  आर यह अल्लाह के सिव किसी ओर हराम हे। वाला काम से मदद मांगना हे। (1 6:59) (मिश्कातः ५०८८ ) (1 2:102) किसी और से मदद पैसे लेकर नौकरी , शादी आदि के लिए கபர் কী চলাল মদভানা इन सव कुरान के जरिए वज़ीफ़ा बनाना या करने वालों पर भरोसा करना मांगना हराम हराम हराम मदद सिर्फ अल्लाह से मांगो, किसी और दीन को च्यापार चनाना आर अल्लाह की जो बातें शरीयत के खिलाफ हों॰ उन्हे हलाल समझना भी गुनाह हे। से नहीं | किताब को दुनियांवी फायदे के लिए इस्तेमाल कसागलत (कुरान २:७९) (II 17.56) (gIH 10.59) इस्लाम क्या सिखाता है? डसी से दुआ करो और डसी पर भरोसा रखो। अल्लाह की इबादत सिर्फ डसी के लिए करो, यही तौहीद है और यही कामयाबी की असली राह है। ಯ e नामंजूर इस्लाम में नहीं है, बह "जिसने ऐसा काम किया जो 81" ढमारे (सहीह बुखारीः २६९७) - ShareChat