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#RanaPeaceFoundation #Qur'ân aur Hadees
RanaPeaceFoundation - Paisham-e-Rasool हज़रत अबू-हुरैरा रज़ी अल्लाहू-अन्हू ने नबी गँ३ से रिवायत की कि आपने फ़रमाया कोई जिसने नमाज़ पढी और उसमें ` उम्मुल - क़ुरआन' (यानी सूरह फ़ातिहा ) नहीं पढ़ी नमाज़ नाक़िस है। " तीन बार फ़रमाया , यानी पूरी ही नहीं। Rasool अबू -हुरैरा रज़ी - अल्लाहू अन्हू से कहा गया : ham-e हम इमाम के पीछे होते हैं। उन्होंने कहा : उस (वकूत सूरह फ़ातिहा ) को 3/44f#46 =1... உ~ட3 Sahih Muslim Hadees #878 (Int 395 Sahih) ये है सहाबा किराम रज़ी अल्लाहू-अन्हूम का तरीक़ा और मनहज़ के वो इमाम के पीछे सूरह फ़ातिहा पढ़ते थे और लोगों को भी यही सिखाते थे। Paisham-e-Rasool हज़रत अबू-हुरैरा रज़ी अल्लाहू-अन्हू ने नबी गँ३ से रिवायत की कि आपने फ़रमाया कोई जिसने नमाज़ पढी और उसमें ` उम्मुल - क़ुरआन' (यानी सूरह फ़ातिहा ) नहीं पढ़ी नमाज़ नाक़िस है। " तीन बार फ़रमाया , यानी पूरी ही नहीं। Rasool अबू -हुरैरा रज़ी - अल्लाहू अन्हू से कहा गया : ham-e हम इमाम के पीछे होते हैं। उन्होंने कहा : उस (वकूत सूरह फ़ातिहा ) को 3/44f#46 =1... உ~ட3 Sahih Muslim Hadees #878 (Int 395 Sahih) ये है सहाबा किराम रज़ी अल्लाहू-अन्हूम का तरीक़ा और मनहज़ के वो इमाम के पीछे सूरह फ़ातिहा पढ़ते थे और लोगों को भी यही सिखाते थे। - ShareChat