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#शहीदे कर्बला ☝️ #🤲हदीस🕌 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲अल्लाह हु अक़बर
शहीदे कर्बला ☝️ - मुहर्रम की कुछ खास बातें इस्लामी साल का पहला महीना है। मुहर्रम  महीनों में से एक है, यह चार पवित्र (हराम) जिनका ज़िक्र क़ुरआन में आया है। १० मुहर्रम (आशूरा) का दिन बहुत फ़ज़ीलत वाला माना जाता है। नबी ब७क ने आशूरा के दिन रोज़ा रखने की तरगीब दी है। आशूरा का रोज़ा रखने से पिछले एक साल के छोटे गुनाहों की माफी की उम्मीद होती है। बेहतर है कि 9 और १० मुहर्रम या १० और १ १ मुहर्रम का रोज़ा रखा जाए। Imam Husayn और उनके साथियों मुहर्रम में की कर्बला में दी गई को याद किया कुर्बानी लिए जाता है, जो सत्य और न्याय के एक महान उदाहरण है। यह महीना हमें सब्र , तक़वा, नेक अमल, दुआ, और अल्लाह की इबादत की सीख देता है। हदीसः "रमज़ान के बाद सबसे अफ़ज़ल रोज़े अल्लाह के महीने मुहर्रम के रोज़े हैं1" की बरकतों से फायदा उठाने अल्लाह हमें 6 की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन। मुहर्रम की कुछ खास बातें इस्लामी साल का पहला महीना है। मुहर्रम  महीनों में से एक है, यह चार पवित्र (हराम) जिनका ज़िक्र क़ुरआन में आया है। १० मुहर्रम (आशूरा) का दिन बहुत फ़ज़ीलत वाला माना जाता है। नबी ब७क ने आशूरा के दिन रोज़ा रखने की तरगीब दी है। आशूरा का रोज़ा रखने से पिछले एक साल के छोटे गुनाहों की माफी की उम्मीद होती है। बेहतर है कि 9 और १० मुहर्रम या १० और १ १ मुहर्रम का रोज़ा रखा जाए। Imam Husayn और उनके साथियों मुहर्रम में की कर्बला में दी गई को याद किया कुर्बानी लिए जाता है, जो सत्य और न्याय के एक महान उदाहरण है। यह महीना हमें सब्र , तक़वा, नेक अमल, दुआ, और अल्लाह की इबादत की सीख देता है। हदीसः "रमज़ान के बाद सबसे अफ़ज़ल रोज़े अल्लाह के महीने मुहर्रम के रोज़े हैं1" की बरकतों से फायदा उठाने अल्लाह हमें 6 की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन। - ShareChat