. नींद आँखों से चुरा लेते हैं,
ख़्वाब हमको ही सज़ा देते हैं।
हर हँसी रोज़ नहीं जँचती है,
कुछ उदासी भी मज़ा देते हैं।
हमने चाहा तो बहुत सादगी से,
लोग मतलब में वफ़ा देते हैं।
खुद ही जलते हैं चिराग़ों की तरह,
और इल्ज़ाम हवा को देते हैं।
दिल को समझाया बहुत देर मगर,
ज़ख़्म चुप रहकर सदा देते हैं।
👁️ सुप्रभात 👁️
#🌞 Good Morning🌞

