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#✍️अनकही दिल की बात #💓 दिल के अल्फ़ाज़ #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #💔दर्द भरी कहानियां #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️अनकही दिल की बात - मिरा आख़िर मुकाम हो गई है। तिरी गली आम   हो गई है। वफ़ा की राह में   रुसवाई न मय ्कदा है॰ न साक़ी, न दौर ए ्जाम यहाँ, यादें ही गर्दिश -ए-्जाम हो  गई है। तुम्हारी कभी जो ज़िक्र छिड़ा उसकी   बेवफ़ाई का॰ I# 51 15 81 # वफ़ा भी वहाँ मैं तुमको सोचता रहता हूँ चाँद ढलने तक, मिरी तो रातें मेहरबाँ के नाम हो गई है। तु मिल णया तो  बिछड़ने का डर भी साथ आया, मिली तो वफ़ा ज़ेरएनदाम हो गई है। खुशी बाद भी दुनिया तो चल रही है मगऊ 5R ये जिंदगी तो वहीं पर तमाम हरो घई हरै] कभी जो दूर थे हम तुम तो अजनबी जैसे॰ கிqு அழு எ1 க6ளி 51 शाम हो गई हैl मरो तो उस पे जो छोड़़े ना मरने केखातिर में   हस्ती निलाम हरो गई हरै। यहाँ तो 5%5 পড়ll নী নত্র থা ব্রি সমনানরষী িলী 'ভুতে', सारी नकाम हो गई है। இ தவ f @akharimulakat_121 मिरा आख़िर मुकाम हो गई है। तिरी गली आम   हो गई है। वफ़ा की राह में   रुसवाई न मय ्कदा है॰ न साक़ी, न दौर ए ्जाम यहाँ, यादें ही गर्दिश -ए-्जाम हो  गई है। तुम्हारी कभी जो ज़िक्र छिड़ा उसकी   बेवफ़ाई का॰ I# 51 15 81 # वफ़ा भी वहाँ मैं तुमको सोचता रहता हूँ चाँद ढलने तक, मिरी तो रातें मेहरबाँ के नाम हो गई है। तु मिल णया तो  बिछड़ने का डर भी साथ आया, मिली तो वफ़ा ज़ेरएनदाम हो गई है। खुशी बाद भी दुनिया तो चल रही है मगऊ 5R ये जिंदगी तो वहीं पर तमाम हरो घई हरै] कभी जो दूर थे हम तुम तो अजनबी जैसे॰ கிqு அழு எ1 க6ளி 51 शाम हो गई हैl मरो तो उस पे जो छोड़़े ना मरने केखातिर में   हस्ती निलाम हरो गई हरै। यहाँ तो 5%5 পড়ll নী নত্র থা ব্রি সমনানরষী িলী 'ভুতে', सारी नकाम हो गई है। இ தவ f @akharimulakat_121 - ShareChat