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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - तेरी इस दुनिया में ये मंज़र क्यों है कहीं अपनापन तो कहीं पीठ पीछे खंजर क्यों है सुना है कि तू इस संसार में हर ज़र्रे में रहता है , फिर ज़मीन पर कही मंदिर तो कही मस्जिद क्यों है जब रहने वाले दुनिया के सब बंदे तेरे है, फिर कोई दोस्त तो कोई दुश्मन क्यों है लिखता है हर किसी का मुकद्दर  గౌగేT फिर कोई बदनसीब ,और कोई मुकद्दर का सिकंदर क्यों है तेरी इस दुनिया में ये मंज़र क्यों है कहीं अपनापन तो कहीं पीठ पीछे खंजर क्यों है सुना है कि तू इस संसार में हर ज़र्रे में रहता है , फिर ज़मीन पर कही मंदिर तो कही मस्जिद क्यों है जब रहने वाले दुनिया के सब बंदे तेरे है, फिर कोई दोस्त तो कोई दुश्मन क्यों है लिखता है हर किसी का मुकद्दर  గౌగేT फिर कोई बदनसीब ,और कोई मुकद्दर का सिकंदर क्यों है - ShareChat