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#Aachrya parsant #Acharya Prshant #realty of life #❤️जीवन की सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈
Aachrya parsant - எர் प्रशांव युथ्यतव ९९ मनुष्य जीवित इसलिए नहीं माना जाता है कि उसमें प्राण होते है। मनुष्य जीवित तब माना जाता है जब उसके भीतर सच होता है चेतना होती है निजता होती है। १9 எர் प्रशांव युथ्यतव ९९ मनुष्य जीवित इसलिए नहीं माना जाता है कि उसमें प्राण होते है। मनुष्य जीवित तब माना जाता है जब उसके भीतर सच होता है चेतना होती है निजता होती है। १9 - ShareChat