ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ साहित्य एवं शायरी #💌शब्द से शायरी✒️ #❤💖 प्यार मोहब्बत शायरी बस तुम और म💗💞❤ैं #दिल💖के अल्फ़ाज़✍️ #💓 दिल के अल्फ़ाज़
✍️ साहित्य एवं शायरी - रुसवा नहीं होते कभी ज़िल्लत नहीं होती. ये होता की बस तुमसे मोहब्बत नहीं होती. शहर में दिन काट लो अपने శqాq इसी मुफलिस की किसी शहर में इज्ज़त नहीं होती. हम ख़ाना ख़राबों के मकानों का मुक़द्दर. दीवारें तो होती है मगर छत नहीं কীনী .!! ঔহান रुसवा नहीं होते कभी ज़िल्लत नहीं होती. ये होता की बस तुमसे मोहब्बत नहीं होती. शहर में दिन काट लो अपने శqాq इसी मुफलिस की किसी शहर में इज्ज़त नहीं होती. हम ख़ाना ख़राबों के मकानों का मुक़द्दर. दीवारें तो होती है मगर छत नहीं কীনী .!! ঔহান - ShareChat