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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - ८८ जनाजे में वो लोग भी होते है शामिल , जो जीने नहीं देते जिंदा  होने पर। गुलज़ार : अभ्युदय साहित्य ८८ जनाजे में वो लोग भी होते है शामिल , जो जीने नहीं देते जिंदा  होने पर। गुलज़ार : अभ्युदय साहित्य - ShareChat