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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #💌शब्द से शायरी✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - ८८ जब दुश्मन हर राज़ से बाक़िफ़ होे, तो समझ लेना दोस्त ग़द्दार 1 अभ्युदय साहित्य गुलज़ार  8 ८८ जब दुश्मन हर राज़ से बाक़िफ़ होे, तो समझ लेना दोस्त ग़द्दार 1 अभ्युदय साहित्य गुलज़ार  8 - ShareChat