ईरान युद्ध और वैश्विक बाजारों में बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। आज देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है।
पेट्रोल 3.14 रुपए और डीजल 3.11 रुपए महंगा हो गया है।
देश की राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 97.91 रुपए और एक लीटर डीजल की कीमत 90.78 रुपए हो गई है। तेल की कीमतों में आई इस बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट का खर्च और बढ़ सकता है। वहीं दूध और गैस जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीजें पहले ही महंगी हो चुकी हैं। आइए जानते हैं, मिडिल ईस्ट में शुरू हुए इस तनाव के बाद किन-किन चीजों के दाम बढ़ गए हैं।
दूध की कीमतों में हुआ इजाफा
अमूल, मदर डेयरी और सांची ने हाल ही में दूध की कीमतों में इजाफा किया हैं. नई दरें 14 मई से लागू की गई है। अमूल ने प्रति लीटर दूध की कीमतों में 2 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी। साथ ही मदर डेयरी और सांची ने भी दूध के दाम बढ़ा दिए हैं।
टोन्ड मिल्क की कीमतें 58 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डबल-टोन्ड दूध की कीमत 54 रुपये प्रति लीटर है। इसके अलावा, गाय के दूध की कीमत भी 60 रुपये से बढ़ाकर 62 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ी
ईरान युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भी सरकार ने कीमतों को स्थिर बनाए रखा था। हालांकि, तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए आज, यानी 15 मई को पेट्रोल 3.14 रुपए और डीजल 3.11 रुपए महंगा करने का फैसला लिया गया है।
एलपीजी की कीमतों में बदलाव
मिडिल ईस्ट में पैदा हुए हालात की वजह से घरेलू और कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिला है। कमर्शियल गैस की कीमतों में बदलाव की बात करें तो, 1 मार्च को करीब 28 से 31 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं, 7 मार्च और 1 अप्रैल को कीमतें क्रमश: 114.50 रुपये और 195 से 200 रुपये के बीच बढ़ी थी. 1 मई को इसमें जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली और कीमतें एक ही झटके में 993 रुपये बढ़ गई। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें भी करीब 60 रुपये तक बढ़ गई है।
CNG के दामों में भी बढ़ोतरी
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद देश के कई शहरों में CNG की कीमतें भी बढ़ गई हैं। अब तक अलग-अलग जगहों पर CNG करीब 2 रुपये से लेकर 4.50 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है। माना जा रहा है कि वैश्विक गैस सप्लाई पर असर और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते संकट की वजह से यह बढ़ोतरी देखने को मिली है।
जेट ईंधन की कीमतों में बड़ा उछाल
मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई प्रभावित होने का असर जेट ईंधन की कीमतों पर भी दिखा है। फरवरी के आखिर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में जेट फ्यूल की कीमत करीब 99.40 डॉलर प्रति बैरल थी, लेकिन मई 2026 तक यह बढ़कर 162.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। इसे हाल के समय की सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक माना जा रहा है।
रेस्टोरेंट में खाना हुआ महंगा
ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर अब लोगों के बाहर खाने के खर्च पर भी पड़ने लगा है. कमर्शियल गैस और सामान ढुलाई का खर्च बढ़ने की वजह से कई शहरों में रेस्टोरेंट और होटलों में खाना 10 से 30 प्रतिशत तक महंगा हो गया है।
बढ़ी थोक महंगाई
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर देश की महंगाई पर भी साफ देखने को मिली है। अप्रैल में देश की थोक महंगाई दर बढ़कर 8.3% तक पहुंच गई, जो पिछले 42 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। मार्च में यह दर 3.88% थी, लेकिन ईंधन और क्रूड ऑयल महंगा होने से इसमें अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला है। #पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े


