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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - रोग   अपनी देह में पैदा होकर भी देह को हानि पहुँचाता है, R 'औषधि   वन में पैदा होकर भी हमारा लाभ ही करती है. हित चाहने वाला पराया भी अपना है , और अहित करने वाला अपना भी पराया है. दुष्ट व्यक्ति का स्वभाव ही दूसरे के कार्य बिगाड़ने का होता है. वस्त्रों को काटने वाला चूहा जैसे . कभी भी पेट भरने के लिए कपड़े नहीं काटता. रोग   अपनी देह में पैदा होकर भी देह को हानि पहुँचाता है, R 'औषधि   वन में पैदा होकर भी हमारा लाभ ही करती है. हित चाहने वाला पराया भी अपना है , और अहित करने वाला अपना भी पराया है. दुष्ट व्यक्ति का स्वभाव ही दूसरे के कार्य बिगाड़ने का होता है. वस्त्रों को काटने वाला चूहा जैसे . कभी भी पेट भरने के लिए कपड़े नहीं काटता. - ShareChat