ShareChat
click to see wallet page
search
सृष्टिकर्ता और रचना कभी एक नहीं हो सकते, दोनों का स्थान अलग है। लेकिन उनके बीच एक बेहद खूबसूरत और अनंतकाल का रिश्ता हो सकता है। परमेश्वर हमारे भीतर रहकर हमारा मार्गदर्शन कर सकते हैं, पर उनका स्थान हमेशा सबसे ऊपर रहेगा—यहाँ तक कि हमारे माता-पिता से भी ऊपर। जो कोई भी बाइबल के परमेश्वर को स्वीकार करता है, वह इस सत्य को समझ जाता है। 🙏✨ #✝यीशु वचन
✝यीशु वचन - परमेश्वर मनुष्य की सृष्टिकर्ता है और मनुष्य उसकी सृष्टि! सृष्टिकर्ता और सृष्टि कभी एक नहीं हो सकते!- सृष्टिकर्ता अपनी जगह पर रहेगा औरउसकी सृष्टि अपनी जगहु पर! पर हाँ सृष्टिकर्ता औरमनुष्य के बीच मे एक बहुतसुन्दररिश्ताहो सकता है (अनंतकालका रिश्ता ये भीहो सकता हैकि सृष्टिकर्ता मनुष्य के भीतर आ कर बस जाये उसका मार्गदर्शन करने केलिए - लेकिन फिर भी दोनों कभी एक नहीं हो सकतेः जो स्थान सृष्टिकर्ता का है मनुष्य कभी नहींले सकता! इसलिए हरएक मनुष्य वो स्थान fag; सबसे पहुला स्थान परमेश्वरका होना चाहिए!- के क्योंकि परमेश्वरही सबका सृष्टिकर्ता है- आपके माता पिता का भी!- आप परमेश्वरका स्थान किसी मनुष्य को नहीं दे सकते! परमेश्वर का स्थान सबसे ऊपर है- और मनुष्य जो बाइबल के परमेश्वर को स्वीकार कर हर वो लेता है वो इस बात को समझ जाता है! JOSEPH PAUL परमेश्वर मनुष्य की सृष्टिकर्ता है और मनुष्य उसकी सृष्टि! सृष्टिकर्ता और सृष्टि कभी एक नहीं हो सकते!- सृष्टिकर्ता अपनी जगह पर रहेगा औरउसकी सृष्टि अपनी जगहु पर! पर हाँ सृष्टिकर्ता औरमनुष्य के बीच मे एक बहुतसुन्दररिश्ताहो सकता है (अनंतकालका रिश्ता ये भीहो सकता हैकि सृष्टिकर्ता मनुष्य के भीतर आ कर बस जाये उसका मार्गदर्शन करने केलिए - लेकिन फिर भी दोनों कभी एक नहीं हो सकतेः जो स्थान सृष्टिकर्ता का है मनुष्य कभी नहींले सकता! इसलिए हरएक मनुष्य वो स्थान fag; सबसे पहुला स्थान परमेश्वरका होना चाहिए!- के क्योंकि परमेश्वरही सबका सृष्टिकर्ता है- आपके माता पिता का भी!- आप परमेश्वरका स्थान किसी मनुष्य को नहीं दे सकते! परमेश्वर का स्थान सबसे ऊपर है- और मनुष्य जो बाइबल के परमेश्वर को स्वीकार कर हर वो लेता है वो इस बात को समझ जाता है! JOSEPH PAUL - ShareChat