ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ साहित्य एवं शायरी #बेहतरीन शायरी और मेरी सोच #💞Heart touching शायरी✍️ #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍️ साहित्य एवं शायरी - हो रात गहरी कितनी या स्याह मगर, अंधेरों के आगे तू सजदा ना कर, ए- मंज़िल , नज़र आयेगी तुझको राह ज़रा, चांद हाथ में ले , तू हौसला तो कर। हो रात गहरी कितनी या स्याह मगर, अंधेरों के आगे तू सजदा ना कर, ए- मंज़िल , नज़र आयेगी तुझको राह ज़रा, चांद हाथ में ले , तू हौसला तो कर। - ShareChat