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#👧 दुलारी बेटी #👧 दुलारी बेटी #📖 कविता और कोट्स✒️ #📒 मेरी डायरी #💚 लाइफ़ की शायरी #😍 अफ़साने ज़िन्दगी के
👧 दुलारी बेटी - कभी बेटी , कभी पत्नी , कभी माँ बनी... न जाने एक बिटिया, क्या क्या बनी.... कभी भाभी, कभी चाची, कभी बहना बनी... एक बिटिया कई परिवारोँ का, गहना बनी.... कभी ननंद, कभी जेठानी , कभी देवरानी बनी.... अपने घर मेँ ही वो, भूली : कहानी बनी॰ ೯೫ कभी सास, कभी दादी, कभी नानी बनी... उम्र के हर पड़ाव मेँ, बस एक बनी.... कुर्बानी फिर क्यूँ न करुँ उस बिटिया का, मैँ दिल से वंदन... फिर क्यूँ न करुँ उस बिटिया को, मैँ शत् शत् नमन कभी बेटी , कभी पत्नी , कभी माँ बनी... न जाने एक बिटिया, क्या क्या बनी.... कभी भाभी, कभी चाची, कभी बहना बनी... एक बिटिया कई परिवारोँ का, गहना बनी.... कभी ननंद, कभी जेठानी , कभी देवरानी बनी.... अपने घर मेँ ही वो, भूली : कहानी बनी॰ ೯೫ कभी सास, कभी दादी, कभी नानी बनी... उम्र के हर पड़ाव मेँ, बस एक बनी.... कुर्बानी फिर क्यूँ न करुँ उस बिटिया का, मैँ दिल से वंदन... फिर क्यूँ न करुँ उस बिटिया को, मैँ शत् शत् नमन - ShareChat