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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - जिस घर में लोग अपने ही अपनों की बात छोड़कर बाहरवालाों की बातें मानने लगते हैँ, वो घर कभी खुशहाल नहीं रह सकता. परिवार की नीँव भरनेसे और अपनापन पर टिकी होती है, की दखल्बंदाजा अगर उसमें दूसरों  बुठ जाए, तो घर की शांति और प्यार टूटं है। जिस घर में लोग अपने ही अपनों की बात छोड़कर बाहरवालाों की बातें मानने लगते हैँ, वो घर कभी खुशहाल नहीं रह सकता. परिवार की नीँव भरनेसे और अपनापन पर टिकी होती है, की दखल्बंदाजा अगर उसमें दूसरों  बुठ जाए, तो घर की शांति और प्यार टूटं है। - ShareChat