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#🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - nowle {36e तुम्हारी खामोशी जो से तुम्हारी तकलीफ का अंदाज़ा न कर सके उसके सामने जुबान से इज़हार करना सिर्फ़ लफ्ज़ों को बरबाद करना हैं ।" हज़रत अली nowle {36e तुम्हारी खामोशी जो से तुम्हारी तकलीफ का अंदाज़ा न कर सके उसके सामने जुबान से इज़हार करना सिर्फ़ लफ्ज़ों को बरबाद करना हैं ।" हज़रत अली - ShareChat