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रायपुर_की_खबरें - हरिभूमि epaper haribhoomi com May Raipur Bhoomi 2026 - Page 5 08 मौसम ने उतारी बिजली की खपत पीकआवर में खपत अव छह हजार मेगावट से कम अप्रैल में सात हजार मेगावाट की गर्मी , डिमांड हजार मेगावाट घटी के पार गई थी खपत 5 अप्रैल में बना हरिभूमि न्यूज M रायपुर खपत का रिकॉर्ड प्रदेश में मई का माह कम से कम छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर अप्रैल में इस बार खपत कंपनी के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। मई में मौसम ने का नया रिकॉर्ड बना। नीते करवट बदली है और प्रदेश में कहीं बारिश हो रही है, तो कहीं साल गर्मी में खपत सात ओले गिर रहे हैं। कहीं बादल छाए हुए हैं। ऐसे में जो पारा ४५  हजार मेगावाट के पार डिग्रो के पार जा रहा था, वह अब कम हो गया है। इसी के गई थी। लेकिन इस बार साथ मौसम ने बिजली की खपत की गर्मी को भी उतार दिया खपत ७३ सो मेगावाट के है।जो खपत बीते माह सात हजार मेगावाट के पार चली गई करीब पहुंच गई। अप्रैल मे लगातार करीब एक थी, वह अब छह हजार मेगावाट से भी कम हो रही है। कुछ सप्ताह तक खपत सात दिनों पहले यह खपत पांच हजार मेगावाट पर आ गई थो। अपना उत्पादन कम हजार मेगावाट के आस- मईका प्रारंभ ही मौसम के बदलने से हुआ है। आने वाले छ्तीसगढ़   राज्य पॉवर के संयंत्रों की उत्पादन क्षमता २९५० पास रही है। पहले कभी ।के कुछदिनों तक इसी तरह से रहने की समय में अभी मौसम मेगावाट है। लेकिन कभी भी उत्पादन २६ से२७ सौ मेगावाट तक इतनी खपत नही होती थी। संभावना है। मौसम ऐसा ही रहा तो यह बात तय है कि॰ ऐसे में लग रहा था कि हीहो पाता है। इस समय तो अपना दो हजार गेगावाट के आसा- बिजली की खपत भी कम होगी। इस समय बिजली की मई में खपत का पारा ७५ पास होे रहा है।इस रमय कोरबावेस्ट के सयत्र में एक २१० गेगावाट के ढो संयत्र खराब है। कुछ समय पहले गड़्वा में एक ५०० सौ मेगावाट तक जा खपत जहां दिन के समय में ५१ से ५२ सौ मेगावाट हो रही है। मेगावाट का संयंत्र भी खराब था लेकिन अब इसमें उत्पादन हो रहा सकता है लेकिन मई के वहीं शाम को पीकआवर में खपत छह हजार मेगावाट से कम है। खपत ज्यादा होने के कारण सेट्रल सेक्टर से रोज साढ़े तीन मौसम ने बिजली काी हो रही है। खपत कम होने का बड़ा कारण एसी और कूलरों  हजार मेगावाट बिजली लेजी पड़ रहीहै। अप्रैल में सेट्रल सेक्टर से खपत की पूरी खुमारी  का चलना कम होना है। रोज पाच हजार  मेगावाट तक बिजली लेी पड़ रही थी। उतार दी हे। हरिभूमि epaper haribhoomi com May Raipur Bhoomi 2026 - Page 5 08 मौसम ने उतारी बिजली की खपत पीकआवर में खपत अव छह हजार मेगावट से कम अप्रैल में सात हजार मेगावाट की गर्मी , डिमांड हजार मेगावाट घटी के पार गई थी खपत 5 अप्रैल में बना हरिभूमि न्यूज M रायपुर खपत का रिकॉर्ड प्रदेश में मई का माह कम से कम छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर अप्रैल में इस बार खपत कंपनी के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। मई में मौसम ने का नया रिकॉर्ड बना। नीते करवट बदली है और प्रदेश में कहीं बारिश हो रही है, तो कहीं साल गर्मी में खपत सात ओले गिर रहे हैं। कहीं बादल छाए हुए हैं। ऐसे में जो पारा ४५  हजार मेगावाट के पार डिग्रो के पार जा रहा था, वह अब कम हो गया है। इसी के गई थी। लेकिन इस बार साथ मौसम ने बिजली की खपत की गर्मी को भी उतार दिया खपत ७३ सो मेगावाट के है।जो खपत बीते माह सात हजार मेगावाट के पार चली गई करीब पहुंच गई। अप्रैल मे लगातार करीब एक थी, वह अब छह हजार मेगावाट से भी कम हो रही है। कुछ सप्ताह तक खपत सात दिनों पहले यह खपत पांच हजार मेगावाट पर आ गई थो। अपना उत्पादन कम हजार मेगावाट के आस- मईका प्रारंभ ही मौसम के बदलने से हुआ है। आने वाले छ्तीसगढ़   राज्य पॉवर के संयंत्रों की उत्पादन क्षमता २९५० पास रही है। पहले कभी ।के कुछदिनों तक इसी तरह से रहने की समय में अभी मौसम मेगावाट है। लेकिन कभी भी उत्पादन २६ से२७ सौ मेगावाट तक इतनी खपत नही होती थी। संभावना है। मौसम ऐसा ही रहा तो यह बात तय है कि॰ ऐसे में लग रहा था कि हीहो पाता है। इस समय तो अपना दो हजार गेगावाट के आसा- बिजली की खपत भी कम होगी। इस समय बिजली की मई में खपत का पारा ७५ पास होे रहा है।इस रमय कोरबावेस्ट के सयत्र में एक २१० गेगावाट के ढो संयत्र खराब है। कुछ समय पहले गड़्वा में एक ५०० सौ मेगावाट तक जा खपत जहां दिन के समय में ५१ से ५२ सौ मेगावाट हो रही है। मेगावाट का संयंत्र भी खराब था लेकिन अब इसमें उत्पादन हो रहा सकता है लेकिन मई के वहीं शाम को पीकआवर में खपत छह हजार मेगावाट से कम है। खपत ज्यादा होने के कारण सेट्रल सेक्टर से रोज साढ़े तीन मौसम ने बिजली काी हो रही है। खपत कम होने का बड़ा कारण एसी और कूलरों  हजार मेगावाट बिजली लेजी पड़ रहीहै। अप्रैल में सेट्रल सेक्टर से खपत की पूरी खुमारी  का चलना कम होना है। रोज पाच हजार  मेगावाट तक बिजली लेी पड़ रही थी। उतार दी हे। - ShareChat