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```सोचो, साथ क्या जाएगा? जो दिया है, वो यहीं ठहर जाएगा, जो लिया है, वो भी इसी मिट्टी में दब जाएगा, तो फिर इंसान इतना घमंड किस बात का करता है ?```🙃💯 ✍️𝗬𝗮𝘀𝗵 #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक
📚कविता-कहानी संग्रह - "साथ क्या जाएगा" सोचो, साथ क्या जाएगा? जो दिया है॰ वो यहीं ठहर जाएगा , जो लिया है॰ वो भी इसी मिट्टी में दब जाएगा, तो फिर इंसान इतना घमंड किस बात का करता है? धन, दौलत, शोहरत सब यहीं छूट जाएंगे, सिर्फ़ कर्मों के निशान आगे साथ जाएंगे। लोग भूल जाएंगे चेहरा तुम्हारा, पर याद रखेंगे शब्द और बर्ताव का सहारा। तुम्हारे जो प्यार दिया, वो ही अमर हो जाएगा , जो जख़्म दिए॰ वो भी इतिहास कह जाएगा | जिंदगी बस एक सफ़र है पल दो पल का, बाक़ी सब धोखा है इस मायावी घर का। सोचो, साथ क्या जाएगा? कपड़, महल, गहने सब धूल में मिल जाएंगे। साथ अगर कुछ जाएगा तो वो नेकियाँ होंगी, जो दिल से किसी के आँसू पोंछकर कमाई गई होंगी।. "साथ क्या जाएगा" सोचो, साथ क्या जाएगा? जो दिया है॰ वो यहीं ठहर जाएगा , जो लिया है॰ वो भी इसी मिट्टी में दब जाएगा, तो फिर इंसान इतना घमंड किस बात का करता है? धन, दौलत, शोहरत सब यहीं छूट जाएंगे, सिर्फ़ कर्मों के निशान आगे साथ जाएंगे। लोग भूल जाएंगे चेहरा तुम्हारा, पर याद रखेंगे शब्द और बर्ताव का सहारा। तुम्हारे जो प्यार दिया, वो ही अमर हो जाएगा , जो जख़्म दिए॰ वो भी इतिहास कह जाएगा | जिंदगी बस एक सफ़र है पल दो पल का, बाक़ी सब धोखा है इस मायावी घर का। सोचो, साथ क्या जाएगा? कपड़, महल, गहने सब धूल में मिल जाएंगे। साथ अगर कुछ जाएगा तो वो नेकियाँ होंगी, जो दिल से किसी के आँसू पोंछकर कमाई गई होंगी।. - ShareChat