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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - ಠ೯ अश्क कोई साज नही देता खामोश है सब कोई आवाज नही देता कल के वादे सब करते है क्यूँ कोई साथ आज नही देता। | मगर ಠ೯ अश्क कोई साज नही देता खामोश है सब कोई आवाज नही देता कल के वादे सब करते है क्यूँ कोई साथ आज नही देता। | मगर - ShareChat