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#💔मरीज-ए-इश्क❤
💔मरीज-ए-इश्क❤ - *पैसा * भी क्या *मस्त चीज* है, बचपन में *मांगना* पडता है. *जवानी * में *कमाना * पडता है, #.. और बुढ़ापे* *छोड़कर यहीं जाना* पड़ता है...! *पैसा * भी क्या *मस्त चीज* है, बचपन में *मांगना* पडता है. *जवानी * में *कमाना * पडता है, #.. और बुढ़ापे* *छोड़कर यहीं जाना* पड़ता है...! - ShareChat