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#💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩 #🖋शेरो-शायरी #🥰प्रेम कविता📝 #📝कविता / शायरी/ चारोळी
💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩 - टुटकर बिखर ही जातें हैं... ! रिस्ते कांच सरीखे है.. लोग कांच ही नया ले आतें हैं... ! ! समेटने की जहमत कौन करे.. फूंक दिए हो जिन रिस्ते को उनकी राख नहीं बटोरा करतें. . ! ! टुटकर बिखर ही जातें हैं... ! रिस्ते कांच सरीखे है.. लोग कांच ही नया ले आतें हैं... ! ! समेटने की जहमत कौन करे.. फूंक दिए हो जिन रिस्ते को उनकी राख नहीं बटोरा करतें. . ! ! - ShareChat