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#👌પ્રેરણાદાયક સ્ટેટ્સ
👌પ્રેરણાદાયક સ્ટેટ્સ - श्रीमद्भगवद्गीता १८ अध्याय , १८ संदेश ही दुख का कारण है। अध्याय २: मोह अध्याय २ः आत्मा अमर है, मृत्यु का डर छोड़ो। अध्याय ३ः कर्म करो, फल की चिंता मत करो। अध्याय ४ः ज्ञान से ही अज्ञान का अंधेरा मिटता है। अध्याय ५ः शांति अपने भीतर ही खोजें। अध्याय ६ः मन को जीतना ही सबसे बड़ी जीत है। अध्याय ७: श्रद्धा ही ईश्वर तक का मार्ग है। 45471 अध्याय 8ः अंत समय में जैसा भाव, वैसी ही गति। अध्याय ९: परमात्मा हर कण में वास करते हैं। ईश्वर ही सृष्टि का आदि और अंत है। 38414 10: अध्याय २२ः काल के सामने सब विवश हैं, बस निमित्त बनो अध्याय १२ः भक्ति ही परम सत्य का मार्ग है। अध्याय १३ः शरीर क्षेत्र है, और आत्मा उसका ज्ञाता। से ऊपर उठकर ही मुक्ति संभव है। 3814 14: गुणों अध्याय २५ः परमात्मा ही संसार रूपी वृक्ष की जड़ हैं। अध्याय २६ः अहंकार का त्याग करो , दैवीय गुण अपनाओ। श्रद्धा होगी , वैसे तुम बनोगे। अध्याय २७ः जैसी तुम्हारी अध्याय १८ः सब कुछ ईश्वर को सौंप दो, वही तुम्हें बचाएंगे। श्रीमद्भगवद्गीता १८ अध्याय , १८ संदेश ही दुख का कारण है। अध्याय २: मोह अध्याय २ः आत्मा अमर है, मृत्यु का डर छोड़ो। अध्याय ३ः कर्म करो, फल की चिंता मत करो। अध्याय ४ः ज्ञान से ही अज्ञान का अंधेरा मिटता है। अध्याय ५ः शांति अपने भीतर ही खोजें। अध्याय ६ः मन को जीतना ही सबसे बड़ी जीत है। अध्याय ७: श्रद्धा ही ईश्वर तक का मार्ग है। 45471 अध्याय 8ः अंत समय में जैसा भाव, वैसी ही गति। अध्याय ९: परमात्मा हर कण में वास करते हैं। ईश्वर ही सृष्टि का आदि और अंत है। 38414 10: अध्याय २२ः काल के सामने सब विवश हैं, बस निमित्त बनो अध्याय १२ः भक्ति ही परम सत्य का मार्ग है। अध्याय १३ः शरीर क्षेत्र है, और आत्मा उसका ज्ञाता। से ऊपर उठकर ही मुक्ति संभव है। 3814 14: गुणों अध्याय २५ः परमात्मा ही संसार रूपी वृक्ष की जड़ हैं। अध्याय २६ः अहंकार का त्याग करो , दैवीय गुण अपनाओ। श्रद्धा होगी , वैसे तुम बनोगे। अध्याय २७ः जैसी तुम्हारी अध्याय १८ः सब कुछ ईश्वर को सौंप दो, वही तुम्हें बचाएंगे। - ShareChat