🏴 Hussaini lashkar 313 🏴
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#एकता का पैगाम दीवाना शाह बाबा साहब (शहंशाह-ए-मेवाड़) कोई राजनीतिक या सार्वजनिक भाषण देने वाले वक्ता नहीं थे, बल्कि वे एक महान सूफी संत थे। सूफी परंपरा में संतों के वचनों को 'भाषण' नहीं, बल्कि 'बयान', 'मल्फूजात' (पवित्र वचन) या 'उपदेश' कहा जाता है। #🤲 दुआएं #🤲 इबादत
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