#सनातन संस्कार (वसुधैव-कुटुंबकम)
कम मैनपावर मे संचालन एवं अनुरक्षण की मची होड़ आज औद्योगिक दुर्घटनाओं एवं व्यवसायिक हानियों का सबसे प्रमुख कारण है ! इसी वजह से अब कम ऊम्र के इंजीनियरों एवं पेशेवरों का स्किल डेवलपमेंट क्रमिक ढंग से नहीं हो पा रहा है ! बड़े उद्योगों के संचालन के लिए अनुभव प्रथम अनिवार्य शर्त होनी चाहिए ! लेकिन आज डिग्री महत्वपूर्ण हो गयी है ! आधुनिक स्वचालित उपकरणों के कारण निश्चय ही संचालन सरल हुआ है लेकिन ताप एवं दाब के सिद्धांत प्राकृतिक रूप से स्थाई रहने वाले हैं जिसे समझने के लिए दीर्घ कालिक कार्य अनुभव की तुलना सिर्फ केस स्टडीज व प्राप्त डिग्री के आधार पर करना ही जोखिमों को कमतर आंकना है ! और यही कारण है कि आज औद्योगिक दुर्घटनाओं की संख्या एवं हानियों मे इजाफा हुआ है ! प्रबंधन के द्वारा कम एवं यंग मैनपावर तथा स्वचालित मशीनों पर अति विश्वास के कारण दशकों का अर्जित लाभांश सेकेण्डों मे स्वाहा ! आज आडिटर एजेंसियों को अपने निर्धारित मानको मे उद्योंगे के अनुरूप विभागानुसार कार्यरत मैनपावर के कुल अनुभवों का डाटा भी एकत्र करने चाहिए ताकि भविष्यसंभावी दुर्घटनाओं की रोकथाम कर राष्ट्रीय क्षति को नियंत्रित किया जा सके !

