ShareChat
click to see wallet page
search
#✒ शायरी #💌शायरी के डायरी📚 #⏳शब्द से शायरी: वक़्त
✒ शायरी - 66 मुझे हद में और ख़ुद में रहना पसंद है, और लोग उसे गुरूर समझते है। সাবন PAGE 66 मुझे हद में और ख़ुद में रहना पसंद है, और लोग उसे गुरूर समझते है। সাবন PAGE - ShareChat