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#❤️जीवन की सीखlove you maa❣️
❤️जीवन की सीख - 96, 10.07 (Hi) कहने को तो छोटा-सा शब्द है ये मां, पर पुरी दुनिया इसमें समाई है! जिसने रखी लाज़ इस शब्द की उसी ने दौलत असली कमाई है। वो मां का आंगन , वो ममता का सावन, बता कैसे उसे भुला दूं मैं, जब भर जाती है इस ज़माने से आंखें मेरी, तो कौनन्सी लोरी गाकर सुला दूं मैं।  हे मां...जिंदगी के इस मोड़ पर जाना मैंने कि, तेरी जरूरत सिर्फ बचपन में ही नहीं , हर उम्र में पड़ती है! क्योंकि वो मां ही है जो हमारे दर्द को, हमसे पहले समझती है। माना आज़ दौलत शौहरत खुब कमा ली मैंने , पर इतना कभी ना कमा सका, जो धागे बांधे थे तुने मेरी मन्नत के लिए, | ना कभी चुका  क़र्ज़ उनका सका। कविता केशव 179 कविता केशव 2K Follow d Roop Kumar Rathod day  Happy mothers special more Add a comment 96, 10.07 (Hi) कहने को तो छोटा-सा शब्द है ये मां, पर पुरी दुनिया इसमें समाई है! जिसने रखी लाज़ इस शब्द की उसी ने दौलत असली कमाई है। वो मां का आंगन , वो ममता का सावन, बता कैसे उसे भुला दूं मैं, जब भर जाती है इस ज़माने से आंखें मेरी, तो कौनन्सी लोरी गाकर सुला दूं मैं।  हे मां...जिंदगी के इस मोड़ पर जाना मैंने कि, तेरी जरूरत सिर्फ बचपन में ही नहीं , हर उम्र में पड़ती है! क्योंकि वो मां ही है जो हमारे दर्द को, हमसे पहले समझती है। माना आज़ दौलत शौहरत खुब कमा ली मैंने , पर इतना कभी ना कमा सका, जो धागे बांधे थे तुने मेरी मन्नत के लिए, | ना कभी चुका  क़र्ज़ उनका सका। कविता केशव 179 कविता केशव 2K Follow d Roop Kumar Rathod day  Happy mothers special more Add a comment - ShareChat