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🌷अहंकार सिव बुद्धि अज 🥀 🍁मन ससि चित्त महान 🥀 🌷मनुज बास सचराचर 🥀 🍁रूप राम भगवान 🥀 🎊🌼🎊🌼🎊🌼🎊🌼🎊🌼🎊🌼🎊🌼🎊 इस चौपाई का अर्थ है— "अहंकार शिव, बुद्धि अज (ब्रह्मा), मन चन्द्रमा और चित्त महान (विष्णु) हैं। वही चराचर स्वरूप भगवान श्रीराम मनुष्य रूप में निवास कर रहे हैं।" 🚩🚩🚩 यहाँ भगवान श्रीराम के विराट स्वरूप का वर्णन किया गया है। शिव उनके अहंकार (अहं तत्त्व) हैं। ब्रह्मा (अज) उनकी बुद्धि हैं। चन्द्रमा उनका मन है। महान (विष्णु) उनका चित्त हैं। अर्थात सम्पूर्ण सृष्टि और उसके सभी तत्त्व भगवान श्रीराम के ही अंग हैं। जो भगवान समस्त चर-अचर (जड़ और चेतन) जगत के स्वरूप हैं, वही भक्तों के कल्याण के लिए मनुष्य रूप में श्रीराम के रूप में अवतरित हुए हैं। 🚩🚩🚩 यह चौपाई बताती है कि श्रीराम केवल अयोध्या के राजकुमार नहीं हैं, बल्कि वे समस्त ब्रह्माण्ड के आधार, सृष्टि के कर्ता, पालनकर्ता और संहारकर्ता परमब्रह्म हैं। उनका मानव रूप उनकी दिव्य लीला है। जय श्री सीताराम। 🙏 🌹🎋🌞🌿🥀🙏🙏🙏🥀🌿🌞🎋🌹 🙏सभी भक्तों का दिन शुभ और मंगलमय हो💐 🔱हर हर महादेव 🌹🚩🚩🚩 🌞जय श्री राम🏹🌹🚩🚩🚩 🕉️ जयश्रीकृष्णा 🌹🚩🚩🚩 📍जयजय हनुमानजी महाराज🙏🚩🚩🚩 🌿जय हो सुडसर धाम की 🙏🚩🚩🚩 🌹🎋🌞🌿🥀🙏🙏🙏🥀🌿🌞🎋🌹 #ॐ #जय #ॐनमःशिवाय #जय_श्री_राम #राम 🌹🙏#श्रीराम_मोहता का #राम_राम_सा 🙏🌹 @everyone #श्रीराम_मोहता🌹🙏
श्रीराम_मोहता🌹🙏 - अहंकार सिव बुद्धि अज मन ससि चित्त महान। मनुज बास सचराचर रूप राम भगवान।। शिव जिनका अहंकार हैं, ब्रह्मा हैं, चंद्रमा मन हैं बुद्धि और महान (विष्णु ) ही चित्त हैं। उन्हीं चराचर रूप भगवान श्री रामजी ने मनुष्य रूप में निवास किया है।l ಖ[ಚ೫ನರೆ अहंकार सिव बुद्धि अज मन ससि चित्त महान। मनुज बास सचराचर रूप राम भगवान।। शिव जिनका अहंकार हैं, ब्रह्मा हैं, चंद्रमा मन हैं बुद्धि और महान (विष्णु ) ही चित्त हैं। उन्हीं चराचर रूप भगवान श्री रामजी ने मनुष्य रूप में निवास किया है।l ಖ[ಚ೫ನರೆ - ShareChat