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#प्रातःकालीन प्रणाम
प्रातःकालीन प्रणाम - वक्त के साथ चले गए वो। अब वो लौटकर न आएंगे। रह गईं बस उनकी यादें, जिनमें हम हर पल मुस्कुराएंगे। लोग आते हैं, फिर चले जाते हैं, ज़िंदगी के काफ़िले यूँ ही बढ़ते जाते हैं। इसलिए जी लो हर एक लम्हा, खुशियों के रंग में, अपनों के संग। पर कौन छूट जाए, क्या पता किस मोड़ क्योंकि यहाँ सब बिन कहे ही चले जाते हैं।। प्रातःकालीन प्रणाम वक्त के साथ चले गए वो। अब वो लौटकर न आएंगे। रह गईं बस उनकी यादें, जिनमें हम हर पल मुस्कुराएंगे। लोग आते हैं, फिर चले जाते हैं, ज़िंदगी के काफ़िले यूँ ही बढ़ते जाते हैं। इसलिए जी लो हर एक लम्हा, खुशियों के रंग में, अपनों के संग। पर कौन छूट जाए, क्या पता किस मोड़ क्योंकि यहाँ सब बिन कहे ही चले जाते हैं।। प्रातःकालीन प्रणाम - ShareChat