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#💑पति पत्नी का रिश्ता #❤️सैड व्हाट्सएप स्टेटस #📜 Whatsapp स्टेटस #📖Whatsapp शायरी
💑पति पत्नी का रिश्ता - "मेरे हिस्से भी आ सकते थे तुम" मिटती हुई हाथों की लकीरों को शायद  बचा सकते थे। मेरे हिस्से भी आ सकती थी गोद तुम्हारी, वह जिसमें सर रखकर #೯4 दुनिया की समस्त पीड़ाओं से मुक्त हाे सकता था। जीवन के समस्त सवालों के जवाब बन सकते थे "मेरे हिस्से भी आ सकते थे तुम। " 0005 13980 "मेरे हिस्से भी आ सकते थे तुम" मिटती हुई हाथों की लकीरों को शायद  बचा सकते थे। मेरे हिस्से भी आ सकती थी गोद तुम्हारी, वह जिसमें सर रखकर #೯4 दुनिया की समस्त पीड़ाओं से मुक्त हाे सकता था। जीवन के समस्त सवालों के जवाब बन सकते थे "मेरे हिस्से भी आ सकते थे तुम। " 0005 13980 - ShareChat