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#❤️पापा बेटी का प्यार
❤️पापा बेटी का प्यार - #a जब तक बाप जिंदा रहता है, बेटी मायके में हक़ से और घर में भी ज़िद कर लेती है.... और आती है॰ कुछ कहे तो डट के बोल देती है, कि मेरे बाप का कोई घर मृत्यु होती है, और बेटी आती है.. पर जब बाप की तो वो इतनी चीत्कार करके रोती है, कि सारे रिश्तेदार समझ जाते है कि बेटी आ गई है॰ और वो बेटी उस दिन अपनी हिम्मत हार जाती है.. क्योंकि उस दिन उसका बाप ही नहीं, उसकी वो हिम्मत भी मर जाती हैं.. आपने भी कभी महसूस किया होगा.... कि बाप की मौत के बाद , बेटी कभी अपने भाई-भाभी के घर वो जिद नहीं करती जो अपने पापा के वक्त करती जो दिया पहन जो मिला खा लिया.. . 2. क्योंकि जब तक उसका बाप था, तब तक লিমা  . यह बात वो अच्छी तरह से सब कुछ उसका था.. जानती है. #a जब तक बाप जिंदा रहता है, बेटी मायके में हक़ से और घर में भी ज़िद कर लेती है.... और आती है॰ कुछ कहे तो डट के बोल देती है, कि मेरे बाप का कोई घर मृत्यु होती है, और बेटी आती है.. पर जब बाप की तो वो इतनी चीत्कार करके रोती है, कि सारे रिश्तेदार समझ जाते है कि बेटी आ गई है॰ और वो बेटी उस दिन अपनी हिम्मत हार जाती है.. क्योंकि उस दिन उसका बाप ही नहीं, उसकी वो हिम्मत भी मर जाती हैं.. आपने भी कभी महसूस किया होगा.... कि बाप की मौत के बाद , बेटी कभी अपने भाई-भाभी के घर वो जिद नहीं करती जो अपने पापा के वक्त करती जो दिया पहन जो मिला खा लिया.. . 2. क्योंकि जब तक उसका बाप था, तब तक লিমা  . यह बात वो अच्छी तरह से सब कुछ उसका था.. जानती है. - ShareChat