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#🖋शेरो-शायरी #📝कविता / शायरी/ चारोळी
🖋शेरो-शायरी - शुरुआत हो तुम वो जिसकी मैंने कभी तलाश नहीं की थी. लेकिन जब तुम मिले, तब एहसास हुआ कि मैं शायद बरसों से अनजाने में तुम्हारा ही इंतज़ार कर रही थी॰ तुम्हें पाने के बाद समझ आया कि कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में इत्तेफाक़ से नहीं आते, वो हमारी 3& दुआओं का जवाब बनकर आते हैं. और अब दिल सिर्फ इतना जानता है में बहुत कुछ चाहा जा सकता है, ತfM मगर मुझे बस वही चाहिए था जो मुझे तुममें मिल गया. 0 शुरुआत हो तुम वो जिसकी मैंने कभी तलाश नहीं की थी. लेकिन जब तुम मिले, तब एहसास हुआ कि मैं शायद बरसों से अनजाने में तुम्हारा ही इंतज़ार कर रही थी॰ तुम्हें पाने के बाद समझ आया कि कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में इत्तेफाक़ से नहीं आते, वो हमारी 3& दुआओं का जवाब बनकर आते हैं. और अब दिल सिर्फ इतना जानता है में बहुत कुछ चाहा जा सकता है, ತfM मगर मुझे बस वही चाहिए था जो मुझे तुममें मिल गया. 0 - ShareChat