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#🖋शेरो-शायरी #📝कविता / शायरी/ चारोळी
🖋शेरो-शायरी - हाय, क्या शायरी है हुए दीयों को हवाओं से बुझते शिकायत क्या, जो अपने ही ना रहे, उनसे बगावत क्या। तूने तो यूं ही तोड़ दिया मेरे ऐतबार का महल , अब इन बिखरे हुए पत्थरों से इबादत क्या। Motivational Huve हाय, क्या शायरी है हुए दीयों को हवाओं से बुझते शिकायत क्या, जो अपने ही ना रहे, उनसे बगावत क्या। तूने तो यूं ही तोड़ दिया मेरे ऐतबार का महल , अब इन बिखरे हुए पत्थरों से इबादत क्या। Motivational Huve - ShareChat