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#✨हमार विचार ईश्वर पर बिस्वास
✨हमार विचार - ईश्वर पर विश्वास जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घूम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी। उसे वो उपयुक्त लिए।वहां पहुंचते ही शिशु 7 को जन्म देने के स्थान लगा பs शुरू हो गयी।उसी समय आसमान में उसे प्रसच घनघोर बादल वर्षा को आतुर हो उठे और बिजली कड़कने लगी। ھ٣٧١ उसने दायी तरफ देखा, तो एक शिकारी तीर का निशान, उसकी तरफ कर रहा था। घबराकर वह दाहिने तरफ झुकी, तो वहां एक भूखा शेर, को तैयार बैठा था। झपटने सामने सूखी घास आग पकड़ चुकी थी और पीछे की झुकी, तो नदी में जल बहुत था।मादा हिरनी क्या  तरफ पीडा से व्याकुल थी। अब क्या होगा ? करती ? वह प्रसव हिरनी जीवित बचेगी ? क्या॰वो अपने शावक को I जन्म दे पाएगी ? क्या शावक जीवित रहेगा ? क्या जंगल की आग सब कुछ जला देगी ? क्या मादा हिरनी शिकारी  के तीर से बच पाएगी ?क्या मादा हिरनी भूखे शेर का भोजन बनेगी ?वो एक तरफ आग से घिरी है और पीछे नदी है। क्या करेगी वो ? को शून्य में छोड, अपने बच्चे को जन्म  हिरनी अपने आप देने में लग गयी। कुदरत का करिश्मा देखिए। बिजली चमकी और तीर छोड़ते हुए, शिकारी की आँखे चौंधिया  गयी। उसका तीर हिरनी के पास से गुजरते , शेर की आँख में जा लगा,शेर दहाड़ता हुआ इधर उधर भागने लगा। और  शिकारी॰ शेर को घायल जानकर भाग गया। घनघोर बारिश शुरू हो गयी और जंगल की आग बुझ गयी। हिरनी ने शावक को जन्म दिया। ESIIe हमारे जीवन में भी कभी कभी कुछ क्षण ऐसे आते है, जब हम चारो तरफ से समस्याओं से घिरे होते हैं और कोई तब सब कुछ नियति के हाथों निर्णय नहीं ले पाते। अपने उत्तरदायित्व व प्राथमिकता पर মাণকয ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।अन्तत यश अपयश हार जीत जीवन मृत्यु  का अन्तिम निर्णय ईश्वर करता है।हमें उस पर विश्वास कर उसके निर्णय का सम्मान करना चाहिए।  लोग हमारी सराहना करेंगे, कुछ लोग हमारी कुछ आलोचना करेंगे। दोनों ही मामलों में हम फायदे में है॰एक हमें प्रेरित करेगा और दूसरा हमारे भीतर सुधार लाएगा। ईश्वर पर विश्वास जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घूम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी। उसे वो उपयुक्त लिए।वहां पहुंचते ही शिशु 7 को जन्म देने के स्थान लगा பs शुरू हो गयी।उसी समय आसमान में उसे प्रसच घनघोर बादल वर्षा को आतुर हो उठे और बिजली कड़कने लगी। ھ٣٧١ उसने दायी तरफ देखा, तो एक शिकारी तीर का निशान, उसकी तरफ कर रहा था। घबराकर वह दाहिने तरफ झुकी, तो वहां एक भूखा शेर, को तैयार बैठा था। झपटने सामने सूखी घास आग पकड़ चुकी थी और पीछे की झुकी, तो नदी में जल बहुत था।मादा हिरनी क्या  तरफ पीडा से व्याकुल थी। अब क्या होगा ? करती ? वह प्रसव हिरनी जीवित बचेगी ? क्या॰वो अपने शावक को I जन्म दे पाएगी ? क्या शावक जीवित रहेगा ? क्या जंगल की आग सब कुछ जला देगी ? क्या मादा हिरनी शिकारी  के तीर से बच पाएगी ?क्या मादा हिरनी भूखे शेर का भोजन बनेगी ?वो एक तरफ आग से घिरी है और पीछे नदी है। क्या करेगी वो ? को शून्य में छोड, अपने बच्चे को जन्म  हिरनी अपने आप देने में लग गयी। कुदरत का करिश्मा देखिए। बिजली चमकी और तीर छोड़ते हुए, शिकारी की आँखे चौंधिया  गयी। उसका तीर हिरनी के पास से गुजरते , शेर की आँख में जा लगा,शेर दहाड़ता हुआ इधर उधर भागने लगा। और  शिकारी॰ शेर को घायल जानकर भाग गया। घनघोर बारिश शुरू हो गयी और जंगल की आग बुझ गयी। हिरनी ने शावक को जन्म दिया। ESIIe हमारे जीवन में भी कभी कभी कुछ क्षण ऐसे आते है, जब हम चारो तरफ से समस्याओं से घिरे होते हैं और कोई तब सब कुछ नियति के हाथों निर्णय नहीं ले पाते। अपने उत्तरदायित्व व प्राथमिकता पर মাণকয ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।अन्तत यश अपयश हार जीत जीवन मृत्यु  का अन्तिम निर्णय ईश्वर करता है।हमें उस पर विश्वास कर उसके निर्णय का सम्मान करना चाहिए।  लोग हमारी सराहना करेंगे, कुछ लोग हमारी कुछ आलोचना करेंगे। दोनों ही मामलों में हम फायदे में है॰एक हमें प्रेरित करेगा और दूसरा हमारे भीतर सुधार लाएगा। - ShareChat