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#जय श्री राधे कृष्णा
जय श्री राधे कृष्णा - एक मार्मिक ' க ೦೦es लाड़ली जू और श्यामसुंदर की श्री लीडली जूने (u TR &1air ೯+ శIITా  सखियों से पूछा गलियों मे सथ्या का समय या। 3Iಖ 'M Wqalan"7u W" ఫI सासुरी इतनी মমে মুত যো থা সী कष्ण चिरह ' यमुना तट पर बेठे अपनी बांसुरी भरी ৭থা ೯84 WY3+fಫ 3-rfl ಟ೯ लग रही है२ " ~0 में वह आरनंद नहीं थाजो हमेशा सखियों ने कहा মনা থাা श्यामसुंदर आज बहत उदास साधारानी चीरे सचोला কৃম্া সুকেযৎ पर उनकी लाउली ज तरंत यमन्ा श्याम आचन आपकी किनारे पहची। उन्होने आखे नम थी। arz*111 81 z61 ೯?" 97 কম্মা থান নঠ  उन्होने कहा Cl Rಷ೯ ಹr fER ೯೯ tl मैने एक " राधे . आज भक्त को रोते देखा। নচ সুরতী একাং T থা लेकिन अपने दुर्खों से इतना Zু বুকা থা কি ওম বিম্াম ही नहीं रहा कि मेॅ उसकी सुनता हूँ॰ denarry सनते | f7 <FH 831 31r f 177 315l उसी साग उस गक्त उन्हीने कहा को दर्रन दिए। dहत Eh उस रत R4! Mu ಹd ೯vrl & rl 34 শচ সনসননা য4া কি ওমক মলম পমল সাকাী चष क दल চালী 63 O uonl आसुओय यह गए। নুদ ওমক ভীবন দ ओर पहली गार 31RII -FrY Tllal. उसके होठीं पर 1 3#0 मे प्रेमा 44| సడ HE  FruI उतरती +- "राधे राधेः तभी श्री कृष्ण चोले ओर लीडली जू मुरकराकर बोली जो मेरे श्याग को प्रेन करता ह तुम्हारा नाम लेता हे *![9- उसो नै कभी अकेला नहीं छोडती ওমক स्वयं चला ப आता । राधे राधे ।l बृज भक्ति वृंदावनः एक मार्मिक ' க ೦೦es लाड़ली जू और श्यामसुंदर की श्री लीडली जूने (u TR &1air ೯+ శIITా  सखियों से पूछा गलियों मे सथ्या का समय या। 3Iಖ 'M Wqalan"7u W" ఫI सासुरी इतनी মমে মুত যো থা সী कष्ण चिरह ' यमुना तट पर बेठे अपनी बांसुरी भरी ৭থা ೯84 WY3+fಫ 3-rfl ಟ೯ लग रही है२ " ~0 में वह आरनंद नहीं थाजो हमेशा सखियों ने कहा মনা থাা श्यामसुंदर आज बहत उदास साधारानी चीरे सचोला কৃম্া সুকেযৎ पर उनकी लाउली ज तरंत यमन्ा श्याम आचन आपकी किनारे पहची। उन्होने आखे नम थी। arz*111 81 z61 ೯?" 97 কম্মা থান নঠ  उन्होने कहा Cl Rಷ೯ ಹr fER ೯೯ tl मैने एक " राधे . आज भक्त को रोते देखा। নচ সুরতী একাং T থা लेकिन अपने दुर्खों से इतना Zু বুকা থা কি ওম বিম্াম ही नहीं रहा कि मेॅ उसकी सुनता हूँ॰ denarry सनते | f7 <FH 831 31r f 177 315l उसी साग उस गक्त उन्हीने कहा को दर्रन दिए। dहत Eh उस रत R4! Mu ಹd ೯vrl & rl 34 শচ সনসননা য4া কি ওমক মলম পমল সাকাী चष क दल চালী 63 O uonl आसुओय यह गए। নুদ ওমক ভীবন দ ओर पहली गार 31RII -FrY Tllal. उसके होठीं पर 1 3#0 मे प्रेमा 44| సడ HE  FruI उतरती +- "राधे राधेः तभी श्री कृष्ण चोले ओर लीडली जू मुरकराकर बोली जो मेरे श्याग को प्रेन करता ह तुम्हारा नाम लेता हे *![9- उसो नै कभी अकेला नहीं छोडती ওমক स्वयं चला ப आता । राधे राधे ।l बृज भक्ति वृंदावनः - ShareChat