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क्या थी तुम..? #poetry #kavita #sahitya #कविता #दिल
poetry - महसूस करता हूँ अब भी, तेरी खामोशियों की आहट को, हवा, बारिश या साया ೫g8? क्या छूकर गुजरती हो हर पल, मेरे अधूरे ख्वाबों की राहों से, सपना , हकीकत या माया थी तुम? क्या @ डॉ. मुल्ला आदम अली Dr Mulla Adam Ali महसूस करता हूँ अब भी, तेरी खामोशियों की आहट को, हवा, बारिश या साया ೫g8? क्या छूकर गुजरती हो हर पल, मेरे अधूरे ख्वाबों की राहों से, सपना , हकीकत या माया थी तुम? क्या @ डॉ. मुल्ला आदम अली Dr Mulla Adam Ali - ShareChat