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#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - ತ[ತw್ದ); نب Assalamualaikum ALLAHS "तकदीर के लिखे को जो बदल दे, उसे दुआ कहते हैं। भी इंसान की किस्मत कितनी मजबूर क्यों न हो, अल्लाह सामने रोकर मांगी गई एक पुकार कायनात पलट देती है।" বুঠী बेशक। Saddam dnsari ತ[ತw್ದ); نب Assalamualaikum ALLAHS "तकदीर के लिखे को जो बदल दे, उसे दुआ कहते हैं। भी इंसान की किस्मत कितनी मजबूर क्यों न हो, अल्लाह सामने रोकर मांगी गई एक पुकार कायनात पलट देती है।" বুঠী बेशक। Saddam dnsari - ShareChat