ShareChat
click to see wallet page
search
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - मजबूत दिखते दिखते मैं थक गई हूँ। 4 ಕ್ವ೯ सबको लगता है मैं संभली हुई पर ~కilతే? अंदर से बिखरी সঠী যতী 5$8,# सच्ची हैं। रूह पर लगे ज़ख्म किसी को दिखाई नहीं देते। मैं अपनी ही जिंदगी के सबसे कठिन मोड़ पर खड़ी हूँ, और सबसे गहरा दर्द ये है कि मैं किसी को बता भी नहीं सकती कि मेरे अंदर क्या टूट रहा है। हर रोज़ " मैं ठीक हूँ कहकर मैं अपनी ही खामोशी को थोड़ा और भारी कर देती हूँ। मजबूत दिखते दिखते मैं थक गई हूँ। 4 ಕ್ವ೯ सबको लगता है मैं संभली हुई पर ~కilతే? अंदर से बिखरी সঠী যতী 5$8,# सच्ची हैं। रूह पर लगे ज़ख्म किसी को दिखाई नहीं देते। मैं अपनी ही जिंदगी के सबसे कठिन मोड़ पर खड़ी हूँ, और सबसे गहरा दर्द ये है कि मैं किसी को बता भी नहीं सकती कि मेरे अंदर क्या टूट रहा है। हर रोज़ " मैं ठीक हूँ कहकर मैं अपनी ही खामोशी को थोड़ा और भारी कर देती हूँ। - ShareChat