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#💐 जीवन की कड़वी सच्चाई 💐☺ #😛 व्यंग्य 😛 #☝ मेरे विचार #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी #📒 मेरी डायरी #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
💐 जीवन की कड़वी सच्चाई 💐☺ - ःमन है या वेश्यालयः- ज्यादातर लोगों का मन,मन होता ही नहीं है, बल्कि उस वेश्यालय की तरह है, जँहा कोई भी आये,और जाये, और शरीर को गंदा कर के चला जाये। है,कुछ भी reels बनाकर हाल आजकल social media का डाल दो,जिसे अपना मन गंदा कराना हो करे और स्टेटस पर लगा कर औरों का भी कर दो,कोई किसी के शरीर को गंदा करे और कोई वश्यवृति से कम है? किसी के मन मे गलत भाव डाले ये क्या दोनों रेपिस्ट है।पर कुछ लोगों को आदत लगी है, रिल्स देख टुच्ची देख कर अपना मन गंदा कराने की॰और टुच्ची रिल्स बनाकर डालने की।बिना ये देखे की इसका मन पर क्या असर होगा| ःमन है या वेश्यालयः- ज्यादातर लोगों का मन,मन होता ही नहीं है, बल्कि उस वेश्यालय की तरह है, जँहा कोई भी आये,और जाये, और शरीर को गंदा कर के चला जाये। है,कुछ भी reels बनाकर हाल आजकल social media का डाल दो,जिसे अपना मन गंदा कराना हो करे और स्टेटस पर लगा कर औरों का भी कर दो,कोई किसी के शरीर को गंदा करे और कोई वश्यवृति से कम है? किसी के मन मे गलत भाव डाले ये क्या दोनों रेपिस्ट है।पर कुछ लोगों को आदत लगी है, रिल्स देख टुच्ची देख कर अपना मन गंदा कराने की॰और टुच्ची रिल्स बनाकर डालने की।बिना ये देखे की इसका मन पर क्या असर होगा| - ShareChat