ShareChat
click to see wallet page
search
बिकती है ना ख़ुशी कहीं ना कहीं गम बिकता है...💞 लोग गलतफहमी में हैं...💞 कि शायद कहीं पे मरहम बिकता है...💞 इंसान तो ख्वाइशों से बंधा हुआ एक जिद्दी परिंदा है...💞 उम्मीदों से ही घायल है...💞 और उम्मीदों पर ही जिंदा है...💞 *G⭕⭕D* *✷⁠‿⁠✷* *M⭕RNING* #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - किसने कहाँ था की बाटने से बढ़ती हैं, खुशियाँ / खुशियाँ बांट दो आजकल तो दुश्मन बढ़ जाते हैं. किसने कहाँ था की बाटने से बढ़ती हैं, खुशियाँ / खुशियाँ बांट दो आजकल तो दुश्मन बढ़ जाते हैं. - ShareChat