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मन चंचल है और अहंकार उसे भटका देता है, लेकिन ईश्वर की कृपा से ही मनुष्य को सही मार्ग और सत्य की प्राप्ति होती है।यह गीत मन की भटकन और जीवन में सत्य की खोज को दर्शाती है। कवि प्रकृति के भटके हुए बादलों के माध्यम से अपने मन की अस्थिर अवस्था को समझाता है। वह बताता है कि जैसे बादल दिशाहीन होकर इधर-उधर भटकते हैं वैसे ही मन भी मोह आकर्षण और अहंकार में उलझकर सत्य से दूर हो जाता है। आत्मज्ञान और परम सत्य की खोज का भाव है। मनुष्य बाहरी आकर्षणों और मैं मेरे के अहंकार में फँस जाता है जिससे वह सही मार्ग भूल जाता है। अंत में कवि ईश्वर माँ से प्रार्थना करता है कि हमे अहंकार और भ्रम से मुक्त करके सत्य और प्रकाश की ओर ले जाए। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,ना जानू ये शरद का कैसा निर्मल है मौसम, #Mai Naa Janu Ye Sharad Kaa Kaisa Niramal Hai Mousam, Writer ✍️ #Halendra Prasad, http://hpdil.blogspot.com/2026/04/mai-naa-janu-ye-sharad-kaa-kaisa.html #मेरी हृदय मेरी माँ http://hpdil.blogspot.com/2026/04/mai-naa-janu-ye-sharad-kaa-kaisa.html
मेरी हृदय मेरी माँ - ShareChat
मन चंचल है और अहंकार उसे भटका देता है, लेकिन ईश्वर की कृपा से ही मनुष्य को सही मार्ग और सत्य की प्राप्ति होती है।यह गीत मन की भटकन और जीवन में सत्य की खोज को दर्शाती है। कवि प्रकृति के भटके हुए बादलों के माध्यम से अपने मन की अस्थिर अवस्था को समझाता है। वह बताता है कि जैसे बादल दिशाहीन होकर इधर-उधर भटकते हैं वैसे ही मन भी मोह आकर्षण और अहंकार में उलझकर सत्य से दूर हो जाता है। आत्मज्ञान और परम सत्य की खोज का भाव है। मनुष्य बाहरी आकर्षणों और मैं मेरे के अहंकार में फँस जाता है जिससे वह सही मार्ग भूल जाता है। अंत में कवि ईश्वर माँ से प्रार्थना करता है कि हमे अहंकार और भ्रम से मुक्त करके सत्य और प्रकाश की ओर ले जाए। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,ना जानू ये शरद का कैसा निर्मल है मौसम, #Mai Naa Janu Ye Sharad Kaa Kaisa Niramal Hai Mousam, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
आध्यात्मिक दार्शनक Hindi Song, Bhojpuri Song,