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#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - अगर मुकम्मल भरोसा ಋತ पर होता तो रब मज़ारों पर नहीं मस्जिदों में होती। Z.ANSAeI अगर मुकम्मल भरोसा ಋತ पर होता तो रब मज़ारों पर नहीं मस्जिदों में होती। Z.ANSAeI - ShareChat