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#✍️ साहित्य एवं शायरी #📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📓 हिंदी साहित्य #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✍️ साहित्य एवं शायरी - 11:12:19 0 X০ Ltu `491| 2 Title तुम उर्वशी हो दिनकर की बच्चन की मधुशाला हो तुम भारतेंदु की हो प्रेम माधुरी और पंत के गंगा का प्याला हो.. तुममें बसी माधुरी तपोभूमि की तुम बसी कृष्ण की राधा हो प्रेम के अधर कली आंचल तक तुम प्रेम मनोरथ का धागा हो.. तुम चंद्रमा की शीतल किरणों सी तुम प्रसाद के रचे गीतों की माला हो.... आँखें प्रेम ज्योति की जैसे हो गहराई लिखती तुम प्रेम ज्योति के दीपों की माला हो.... Neetesh kumar सृजन) काव्य A  5 @ 11:12:19 0 X০ Ltu `491| 2 Title तुम उर्वशी हो दिनकर की बच्चन की मधुशाला हो तुम भारतेंदु की हो प्रेम माधुरी और पंत के गंगा का प्याला हो.. तुममें बसी माधुरी तपोभूमि की तुम बसी कृष्ण की राधा हो प्रेम के अधर कली आंचल तक तुम प्रेम मनोरथ का धागा हो.. तुम चंद्रमा की शीतल किरणों सी तुम प्रसाद के रचे गीतों की माला हो.... आँखें प्रेम ज्योति की जैसे हो गहराई लिखती तुम प्रेम ज्योति के दीपों की माला हो.... Neetesh kumar सृजन) काव्य A  5 @ - ShareChat