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#☝ मेरे विचार #💞Heart touching शायरी✍️
☝ मेरे विचार - अपनों की भावनाओं का न कोई मान॰ न कोई सम्मान परायों को देखते ही मीठे बोल , न्यौछावर प्राण , अपनों को मात्र मौन देना, से संवाद ಞ7: क्या कभी सोचे कोई, देता कितने आघात। सुखनदुःख में साथ जो रहे॰ जैसे दोपहर में छांव , क्यों न कोई देखे कभी , छाले पटे वो पांव , जीचन बलिदान कर दिए जो उनका न कोई मोल, आह कितने मूर्ख हम बदल देते सभी भूगोल , करना यूं तिरस्कार अपनों का, औरों का सत्कार , क्या कभी सोचे कोई, देता कितने आघात। 0 अपनों की भावनाओं का न कोई मान॰ न कोई सम्मान परायों को देखते ही मीठे बोल , न्यौछावर प्राण , अपनों को मात्र मौन देना, से संवाद ಞ7: क्या कभी सोचे कोई, देता कितने आघात। सुखनदुःख में साथ जो रहे॰ जैसे दोपहर में छांव , क्यों न कोई देखे कभी , छाले पटे वो पांव , जीचन बलिदान कर दिए जो उनका न कोई मोल, आह कितने मूर्ख हम बदल देते सभी भूगोल , करना यूं तिरस्कार अपनों का, औरों का सत्कार , क्या कभी सोचे कोई, देता कितने आघात। 0 - ShareChat