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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ० शुष्टा बृहरवतिवार $] मई सनू २७२६ (9 ಊತಣ गिरि महाराज कहतै हैं 0 I| मानव भगवान को पत्थर में ढूँढता है, मगर भगवान तो विश्वास में है और सेवा में है और सच्चाई में हैं॰ मानव अपने सत्कर्मो से हटता है क्योंकि पूजा करने से वह सोचता है कि मैं ज्ञानी हो चुका। मजबूर आदमी की सेवा करें, मंदिर में जाएँ सेवा करें तो भगवान को अच्छा लगता है। गरीब आदमी की सहायता करें , भगवान को अच्छा लगता है० किसी साधु ्संत से बहस न करें , वहु भी भगवान को अच्छा लगता है। महामृत्युंजय मंत्र II (ओम त्र्यंबकम ) II सत्यम् शिवम् सुन्दरम M ० शुष्टा बृहरवतिवार $] मई सनू २७२६ (9 ಊತಣ गिरि महाराज कहतै हैं 0 I| मानव भगवान को पत्थर में ढूँढता है, मगर भगवान तो विश्वास में है और सेवा में है और सच्चाई में हैं॰ मानव अपने सत्कर्मो से हटता है क्योंकि पूजा करने से वह सोचता है कि मैं ज्ञानी हो चुका। मजबूर आदमी की सेवा करें, मंदिर में जाएँ सेवा करें तो भगवान को अच्छा लगता है। गरीब आदमी की सहायता करें , भगवान को अच्छा लगता है० किसी साधु ्संत से बहस न करें , वहु भी भगवान को अच्छा लगता है। महामृत्युंजय मंत्र II (ओम त्र्यंबकम ) II सत्यम् शिवम् सुन्दरम M - ShareChat