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कोई रखता है मन में राज़ कोई खोल देता है ज़ुबां से अपनी कीमत को इसी से तोल देता है कोई चिल्लाता रहता है उसे कोई नही सुनता कोई ख़ामोश होकर भी सभी कुछ बोल देता है #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #📚कविता-कहानी संग्रह #कविता #📗प्रेरक पुस्तकें📘
✍मेरे पसंदीदा लेखक - कोई रखता है मन में राज़, कोई खोल देता है जुबां से अपनी कीमत को इसी से तोल देता है। कोई चिल्लाता रहता है, उसे कोई नहीं सुनता कोई ख़ामोश होकर भी सभी कुछ बोल देता है । कोई रखता है मन में राज़, कोई खोल देता है जुबां से अपनी कीमत को इसी से तोल देता है। कोई चिल्लाता रहता है, उसे कोई नहीं सुनता कोई ख़ामोश होकर भी सभी कुछ बोल देता है । - ShareChat