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#❤️जीवन की सीख #nari sakti
❤️जीवन की सीख - Vijay kadve ர Agyat_thoughts मेरी बातें खटकती हैं को, पुरुषों और जिनको खटकती है मेरी बातें, लोग खटकते हैं मुझे। वह कुछ स्त्रियाँ भी हैं उनमें ज़्यादा या कम, पता नहीं। वह मानती हैं का अधिकार जमाना सही है, पुरुषों  पुरुष भगवान स्वरूप है; उनमें कई स्त्रियाँ आती हैं। मेरी माँ, मेरी बहन, मेरी दादी-पर मैं उनमें नहीं आऊँगी | मैं उनकी जैसी नहीं बनूँगी। मैं आँखें खोल रखूँगी। दे मुझ पर तो दो-चार मैं लगा दूँगी। हाथ उठा आवाज़़ उठाए मुझ पर तो उस पर मैं भी चिल्लाऊँगी। जिसने बनाया है मुझे, उसी ने उसको भी बनाया है। दिया है अगर उसको आवाज़ उठाने के लिए मुँह, लिए  हाथनतो हाँ, मुझे भी दिया है। पीटने के Vijay kadve ர Agyat_thoughts मेरी बातें खटकती हैं को, पुरुषों और जिनको खटकती है मेरी बातें, लोग खटकते हैं मुझे। वह कुछ स्त्रियाँ भी हैं उनमें ज़्यादा या कम, पता नहीं। वह मानती हैं का अधिकार जमाना सही है, पुरुषों  पुरुष भगवान स्वरूप है; उनमें कई स्त्रियाँ आती हैं। मेरी माँ, मेरी बहन, मेरी दादी-पर मैं उनमें नहीं आऊँगी | मैं उनकी जैसी नहीं बनूँगी। मैं आँखें खोल रखूँगी। दे मुझ पर तो दो-चार मैं लगा दूँगी। हाथ उठा आवाज़़ उठाए मुझ पर तो उस पर मैं भी चिल्लाऊँगी। जिसने बनाया है मुझे, उसी ने उसको भी बनाया है। दिया है अगर उसको आवाज़ उठाने के लिए मुँह, लिए  हाथनतो हाँ, मुझे भी दिया है। पीटने के - ShareChat