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#islamic #Islami baate लम्हा लम्हा है मुझ पर नबी की अता लम्हा लम्हा है मुझ पर नबी की अता, कैसे कर पाऊँ मैं शुक्र उनका अदा। उनकी रहमत की बारिश बरसती रही, मेरी हर साँस में उनकी खुशबू बसी। जब कभी मैं गिरा, उन्होंने थामा मुझे, हर कदम पर मिली, उनकी ही रोशनी। मेरी किस्मत को उन्होंने यूँ चमकाया है, हर ज़ुबाँ पर वही, उनका ही नाम है। मेरे गुनाहों को भी उन्होंने बख्शा सदा, ऐसी रहमत कहाँ, ऐसा प्यारा खुदा। उनका दीदार ही मेरी जन्नत है अब, उनके सदके में ही मेरी पहचान है। लम्हा लम्हा है मुझ पर नबी की अता, कैसे कर पाऊँ मैं शुक्र उनका अदा। nabimuhammadﷺ #nabipakﷺ❤ #nabiekareemﷺ #nabimuhammadsaw
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