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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - में हुए " अनजाने पापों का प्रायश्चित कैसे किया जा सकता है? तीसरा यज्ञ है -पक्षियों को रोज अन्न्न (दाना-पानी ) डालना चाहिए। चौथा यज्ञ है -आटे की गोली बनाकर रोज जलाशय में मछलियों को डालनी चाहिए। पांचवां यज्ञ है -भोजन बनाकर अग्नि भोजन , यानी रोटी बनाकर करके उसमें घी-चीनी मिलाकर अग्नि को भोग लगाएं। उसके टुकड़े  3ڈ में हुए " अनजाने पापों का प्रायश्चित कैसे किया जा सकता है? तीसरा यज्ञ है -पक्षियों को रोज अन्न्न (दाना-पानी ) डालना चाहिए। चौथा यज्ञ है -आटे की गोली बनाकर रोज जलाशय में मछलियों को डालनी चाहिए। पांचवां यज्ञ है -भोजन बनाकर अग्नि भोजन , यानी रोटी बनाकर करके उसमें घी-चीनी मिलाकर अग्नि को भोग लगाएं। उसके टुकड़े  3ڈ - ShareChat