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#" रूबरू करवाता हूं आपको कुछ मेरी कलम से, कुछ मेरे हुनर से " #💞Heart touching शायरी✍️ #🥰 इमोशनल पल
" रूबरू करवाता हूं आपको कुछ मेरी कलम से, कुछ मेरे हुनर से " - वफ़ा की बात करते हे सभी, अहद बुरा वक्त हो तो कोई साथ देता नही।  हर किसी को अपना बनाना छोड़ दो जो अपने होते हैं वो साथ छोड़ते नही। दुनियां के भीड़ में खो जाना मेरी आदत नही  जो प्यार से मिलते नही, उसे हम नज़र आते नही। शराफ़त की तलब ने कितना नुकसान किया है अपने ही अपनों का खून किया है। எf मुझमें लाख बुराइयां, पर दिल का बुरा नही  गिरते हालातों को देखकर मुंह फेरते नही।  सबको सबसे शिकायत हे यहां, जनाब! ये दुनियां है कोई जन्नत नही। डॉ. इकबाल रौशन वफ़ा की बात करते हे सभी, अहद बुरा वक्त हो तो कोई साथ देता नही।  हर किसी को अपना बनाना छोड़ दो जो अपने होते हैं वो साथ छोड़ते नही। दुनियां के भीड़ में खो जाना मेरी आदत नही  जो प्यार से मिलते नही, उसे हम नज़र आते नही। शराफ़त की तलब ने कितना नुकसान किया है अपने ही अपनों का खून किया है। எf मुझमें लाख बुराइयां, पर दिल का बुरा नही  गिरते हालातों को देखकर मुंह फेरते नही।  सबको सबसे शिकायत हे यहां, जनाब! ये दुनियां है कोई जन्नत नही। डॉ. इकबाल रौशन - ShareChat